ब्राजीलियाई मॉडल की फोटो वाले कथित वोटर आईडी विवाद में, आज तक/इंडिया टुडे ने असली मतदाताओं पिंकी और मुनीश को ट्रैक किया. दोनों परिवारों ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों से इनकार किया है. पिंकी और मुनीश के परिवार ने बताया कि वोटर कार्ड में गलत फोटो छपना BLO/डाटा ऑपरेटरों की गलती थी, जिसके सुधार के लिए उन्होंने पहले ही आवेदन कर दिया था, और उन्होंने 2024 चुनाव में अपने वोट स्वयं डाले थे. यह मामला तब गरमाया जब राहुल गांधी ने ‘H फाइल्स’ में 22 फर्जी वोटों का दावा किया.

Bihar Election Controversy: ब्राजीलियन मॉडल की तस्वीर वाले वोटर ID कार्ड पर बवाल, असली मतदाता बोले — ‘हमारा वोट चोरी नहीं हुआ’

बिहार में चुनावी सरगर्मी के बीच सोशल मीडिया पर ब्राजील की मॉडल की तस्वीर वाले कथित वोटर ID कार्ड का मामला जोर पकड़ चुका था। अब इंडिया टुडे/आज तक की पड़ताल में इस मामले की सच्चाई सामने आई है।

टीम ने उन दो मतदाताओं — पिंकी और मुनीश को ट्रैक किया है, जिनके नाम पर यह विवादित वोटर कार्ड बनाए गए थे। दोनों परिवारों ने वोट चोरी के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और कहा है कि गलती चुनाव कार्यालय या बीएलओ (BLO) की तरफ से हुई है।


मतदाता पिंकी ने कहा — ‘मैंने खुद वोट डाला, गलती हमारी नहीं’

आज तक से बातचीत में मतदाता पिंकी ने बताया कि उन्होंने खुद जाकर अपना वोट डाला था। उन्होंने कहा,

“जब मैंने वोटर कार्ड के लिए आवेदन किया था, तो पहली बार जो कार्ड मिला उसमें किसी और महिला की फोटो लगी हुई थी। मैंने वह कार्ड तुरंत लौटा दिया था, लेकिन अभी तक सही कार्ड नहीं मिला।”

पिंकी ने साफ किया कि उन्होंने 2024 के चुनाव में वोटर स्लिप और आधार कार्ड का उपयोग कर मतदान किया। उनके अनुसार यह गलती उनकी नहीं बल्कि डेटा एंट्री या BLO की लापरवाही का नतीजा है।


परिवार ने कहा — ‘यह सब प्रचार है’

पिंकी के देवर ने इस पूरे विवाद को राजनीतिक प्रचार (प्रोपेगेंडा) करार दिया। उन्होंने कहा कि पिंकी ने स्वयं अपना वोट डाला और परिवार का इस गड़बड़ी से कोई लेना-देना नहीं है।


मुनीश के परिवार की सफाई — ‘वोट चोरी नहीं, डेटा ऑपरेटर की गलती’

वहीं मुनीश के जीजा ने बताया कि उनका परिवार वर्तमान में सोनीपत में रहता है, लेकिन उनका वोट माछरोली गांव (पुश्तैनी संपत्ति) में दर्ज है। उन्होंने कहा,

“हम तीनों — मां, भाभी और मैं — वोट डालने गए थे। जब वोटर स्लिप में तस्वीर गलत निकली, तब हमें रोक दिया गया, लेकिन वोटर कार्ड दिखाने पर हमें मतदान की अनुमति दी गई।”

उन्होंने बताया कि यह पहले भी एक बार हुआ था, जब वोटर स्लिप में किसी और महिला की फोटो छप गई थी। उन्होंने कहा कि यह गलती डेटा ऑपरेटरों की है, इसमें मतदाताओं की कोई भूमिका नहीं


राहुल गांधी के आरोप और ‘H Files’ विवाद

पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने प्रेजेंटेशन ‘H Files’ में दावा किया कि हरियाणा में ब्राजील की एक मॉडल के नाम पर 22 फर्जी वोट दर्ज हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि इस कथित मॉडल ने कभी सीमा, कभी स्वीटी और कभी सरस्वती बनकर वोट किया। कांग्रेस का दावा है कि इस ब्राजीलियन मॉडल का नाम Matheus Ferroro है।

अब जब असली मतदाताओं ने सामने आकर कहा है कि उन्होंने खुद अपना वोट डाला है, तो यह मामला डेटा एंट्री और प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है, न कि वोट चोरी की ओर।


चुनाव आयोग के कामकाज पर उठे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम के बाद मतदाता सूची की सटीकता और चुनाव आयोग की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े हो गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल डेटा एंट्री में छोटी सी गलती भी राजनीतिक विवाद का रूप ले सकती है, इसलिए सिस्टम की मॉनिटरिंग और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को और मजबूत करने की जरूरत है।